Hindi शायरी कलेक्शन इन हिंदी

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सैड शायरी कलेक्शन इन हिंदी: आज मैं आपको एक नया हिंदी शायरी कलेक्शन देने वाला हूँ जिसमे आपको जिसमे आपको Top Sad Shayari in Hindi ' मिलेंगी। इस पूरे कलेक्शन में आपको sad shayari in hindi for girlfriend, sad shayari in hindi for life, very sad shayari, sad shayari in hindi for boyfriend, zindagi sad shayari, sad shayari in english, 2 line sad shayari hindi जैसे आपके टॉपिक पर शायरी मिलेगी. इस कलेक्शन की बात करें तो ये इंटरनेट के सभी शायरी यहाँ मिलेगी.
सैड शायरी कलेक्शन इन हिंदी - Sad Shayari in Hindi  

शायरी कलेक्शन इन हिंदी 

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अब तो ख़ुशी का ग़म है न ग़म की ख़ुशी मुझे बे-हिस बना चुकी है बहुत ज़िंदगी मुझे
अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को मैं ने औरों से सुना है कि परेशान हूँ मैं
अज़ीज़ इतना ही रक्खो कि जी सँभल जाए अब इस क़दर भी न चाहो कि दम निकल जाए
चलने का हौसला नहीं रुकना मुहाल कर दिया इश्क़ के इस सफ़र ने तो मुझ को निढाल कर दिया
दीवारों से मिल कर रोना अच्छा लगता है हम भी पागल हो जाएँगे ऐसा लगता है
हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं दिल हमेशा उदास रहता है
हमारे घर का पता पूछने से क्या हासिल उदासियों की कोई शहरियत नहीं होती
हमारे घर की दीवारों पे 'नासिर' उदासी बाल खोले सो रही है
कभी ख़ुद पे कभी हालात पे रोना आया बात निकली तो हर इक बात पे रोना आया
कर रहा था ग़म-ए-जहाँ का हिसाब आज तुम याद बे-हिसाब आए
किसी के तुम हो किसी का ख़ुदा है दुनिया में मिरे नसीब में तुम भी नहीं ख़ुदा भी नहीं
मुझ से बिछड़ के तू भी तो रोएगा उम्र भर ये सोच ले कि मैं भी तिरी ख़्वाहिशों में हूँ
मुझे तन्हाई की आदत है मेरी बात छोड़ें ये लीजे आप का घर आ गया है हात छोड़ें
रात आ कर गुज़र भी जाती है इक हमारी सहर नहीं होती
तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ
तुम क्या जानो अपने आप से कितना मैं शर्मिंदा हूँ छूट गया है साथ तुम्हारा और अभी तक ज़िंदा हूँ
कुछ तन्हाईयां वेबजह नही होतीं, कुछ दर्द आवाज़ छीन लिया करतें है।
ऐ बेवफा सांस लेने से तेरी याद आती है, ऐ बेवफा सांस न लूँ तो भी मेरी जान जाती है, मैं कैसे कह दूं कि बस मैं सांस से जिंदा हूँ, ये सांस भी तो तेरी याद आने के बाद आती है।
मोहब्बत ऐसी थी कि उनको बता न सके, चोट दिल पे थी इसलिए दिखा न सके, हम चाहते तो नही थे उनसे दूर होना, मगर दूरी इतनी थी उसे हम मिटा न सके।
हमने रस्म रिवाज़ों से बग़ावत की है, हमने वेपन्हा उनसे मोहब्बत की है, दुआओं में जिसे था कभी मांगा, आज उसी ने जुदा होने की चाहत की है।
ऐ बेवफा थाम ले मुझको मजबूर हूँ कितना, मुझको सजा न दे मैं बेकसूर हूँ कितना, तेरी बेवफ़ाई ने कर दिया है मुझे पागल, और लोग कहतें हैं मैं मगरूर हूँ कितना।
ये ज़िंदगी हमे भी बहुत प्यारी है, लेकिन फिर क्यों ऐसा लगता है, के तेरे विन ये हमारी नही है।
इस दुनिया मे जरूरी नहीं जिसे तुम चाहो वो तुम्हारा हो, जीने के लिए तुम्हें उसी का सहारा हो, कश्तियाँ टूट जाया करती हैं, ज़रूरी तो नही होता कि हर कश्ती को किनारे हो।
ज़िन्दगी की भीड़ में अकेले रहे गए, उसकी जुदाई में आँसुओ के दरिया बह गए, अब हमें कौन चुप कराने वाला है, जो चुपाते थे वही रोने को कहे गए।
जब कभी मोहब्बत ही नही की तो रोकते क्यों हो, खामोशियों में मेरे लिए सोचते क्यों हो, जब रास्ते हो गए अलग अब जाने दो मुझे, कब लौटकर आओगे पूछते क्यों हो।
इस दुनिया मे जरूरी नहीं जिसे तुम चाहो वो तुम्हारा हो, जीने के लिए तुम्हें उसी का सहारा हो, कश्तियाँ टूट जाया करती हैं, ज़रूरी तो नही होता कि हर कश्ती को किनारे हो।
मुझे उससे कोई शिकवा है न गिला है, मेरे दर्द की बस न ही कोई दवा है, बहुत आँसू बह है उसके लिए, जिसे कुदरत ने मेरे लिये बनाया ही नही है।
इस जमीन से तो हम रिश्ता तोड़ जाएंगे, बस यादों का एक शहर छोड़ जाएंगे, वेबफा तू मुझे सताएगा कितना, एक दिन तुझसे हमेशा के लिए मुह मोड़ जाएंगे।
वो हम पर हर इल्ज़ाम लगाते हैं, वो हर ख़ता हमे बताते है, हम तो बस चुप रहतें है क्योंकि, वो हम पे अपना हक जताते हैं।
उम्र भर के गमो का पैगाम दे गया, हमे तो वो वेबफा का इल्ज़ाम दे गया, चाहा था जिसे कभी टूटकर हमने, वही हमे तन्हाईयों के सैलाब दे गया।
आज फिर तन्हाईयो ने तुझे पुकारा है, ये तो मेरा दिल बेचारा है, तू इस दिल से दूर हो गया है, आज फिर इस दिल को यक़ीन नही आया है।
आज फिर गुमनाम चेहरों में तू नज़र आया है, आज फिर तेरी यादों ने मुझे रुलाया है, तेरी मोहब्बत ने मुझे चकना चूर किया है, क्यों आज फिर तूने वेबफा का इल्ज़ाम लगाया है।
तेरी मोहब्बत में इस जहां को भूल गए, हम औरों को अपनाना भूल गए, सारे जहां को बताया तुझ से मोहब्बत है, सिर्फ तुझे ही बताना भूल गए।
जब कोई दिल तोड़ कर चला जाता है, तब दरिया का पानी आँखों मे उतर जाता है, कोई बना लेता है रेत पर आशियाना, कोई लहरों में बिखर जाता हैं।
जो प्यार करतें है वो बड़े अजीब होतें हैं, उन्हें खुशी के बदले गम नसीब होते है, न करना तू प्यार कभी किसी से, क्योंकि प्यार करने वाले बड़े बदनसीब होतें है।
अरमानों के रंग बदले कई अर्से हो गए, ऐसा लगता है तेरे लिए हम पुराने हो गए।
हमारी खुशियों में वो शामिल होतें हैं , जिसे हम चाहतें हैं, लेकिन हमारे दुःखों में वो शामिल होतें है, जो हमे चाहते है।
ठुकरा गए वो मेरा बुरा वक्त देख कर, ऐसा दिन बनाऊंगा मिलना पड़ेगा मुझसे वक्त लेकर।
तुमसे जुदा होके ऐसा लगता है ज़िन्दगी ये मेरी सज़ा है, बस मुझे ऐसा लगता है मेरी सासें ही मुझ से अब खफा हैं।
दर्द भी अपनी अदा में है इस वक्त, लगता है वो हम पे फिदा है इस वक्त।
उनके गम में मेरी आँखें नम हो जाती हैं, लेकिन फिर भी होटों पे हंसी लानी पड़ती है, मोहब्बत तो हमने बस एक से की थी, लेकिन ये मोहब्बत जमाने से छुपानी पड़ती है।
इश्क में मेरा दिल टूटा और ख्वाब बिखर गए, दर्द मिला इतना के हम ज़ख्मों से निखर गए।
फूलों में भी काटें होते हैं, क्यों मोहब्बत करने वाले रोते हैं, ज़िन्दगी भर तड़पते है इश्क करने वाले, और तड़पाने वाले चैन से सोते हैं।
इश्क में हमने तो दर्द से हाथ मिला लिया, हर गम को आंखों में छुपा लिया, उसने तो बस हमसे रोशनी की ख्वाहिश की, इसलिए हमने तो अपने दिल को जला लिया।
कभी किसी को पाने के लिए दिल से मत सोचना, रात की तन्हाईयो में अपने दिल को मत कचोटना, यादें तो बहुत आएंगी उस वेबफा की, लेकिन बस एक ज़िन्दगी में ही इन्हें समेटना।
जो एक नज़र देखोगे देखते रहे जाओगे, हम जैसा प्यार करने वाला कहां पाओगे, जान देने की बात तो सभी करतें है, लेकिन बात बनाने वाला कहां पाओगे।
तू मुझे क्यों इतना याद आता है, तू मुझे क्यों इतना तड़पाता है, माना के ज़िन्दगी है सिर्फ तेरे लिए, फिर मुझे तू क्यों इतना रुलाता है।
तू ये मत सोचना तुझसे जुदा हो के हम सुकून से सोते हैं, तुझे क्या पता तेरी तस्वीर को रखके हम कितना रोते हैं।
आज फिर दिल से मेरे सदा आयी है, आज फिर दिल को तेरी बफा याद आयी है, हम तो बहा चुके अश्कों के समुंदर तेरे इश्क़ में, तो क्यों आज फिर चाहत ने ली अंगड़ाई है।
गलतफहमी का एक लम्हा भी दिलो के बीच होता है, तो खुशियो के सौ लम्हे भी तोड़ दिया करता है।
वो इश्क ही क्या, जो इश्क ज़िन्दगी बर्बाद न कर दे, मरा भी न जाये, जिया भी न जाये, ऐसे हालात न कर दे।
हम आपको याद न कर पाएं तो माफ़ करने की कोशिश करना, हमसे कोई गलती हो जाये तो माफ करने की कोशिश करना, हम आपको वैसे तो कभी भूला नही पाएंगे, लेकिन सांसें थम जाएं तो माफ करने की कोशिश करना।
मेरी क्या ख़ता है तू मुझे सजा देदे, क्यों तेरे अंदर इतना दर्द है इसकी तू वजह देदे, कुछ देर हो गयी तुझे याद करने में मुझसे, लेकिन मुझे छोड़ कर न जाने का इशारा देदे।
न जाने कब अनजाने में हमने आपको रुला दिया, लेकिन आपने तो ज़माने के कहने पर हमें भूल दिया, ऐ वेबफा हम तो वैसे ही जमाने मे अकेले थे, तो क्या हुआ हमे आपने इस बात का एहसास दिला दिया।
मोहब्बत करने वालों का मुकद्दर बुरा होता है, हर जुदाई का किस्सा उसी से जुड़ा होता है, कभी उन किताबों पर गौर करके पड़ना, हर मोहब्बत का किस्सा अधूरा होता है।
तू भुला दे मुझे इस बात का शिक़वा नही, तू ने मुझे रुलाया इस बात का कोई गिला नही, जिस दिन हमने तुझे भुला दिया, बस तभी समझ लेना कि दुनिया मे हम नहीं।
इस दिल मे जिसे बसाया वो दूर हो गया, ऐसा क्या हमसे कसूर हो गया, न वेबफा तू ही है न वेबफा मैं ही हूँ, ये तो बस वक्त का दस्तूर हो गया।
जिनसे उम्मीदें वफ़ा की, वही वेबफा आज कहतें हैं, जिन्होंने हमारे मरहम लगाया, वही आज घाव देतें हैं।
जिनकी तस्वीरे बनाकर खुश हुआ करते हैं, आज वही बदले बदले लगने लगे हैं, जो कभी हमारे दिल में रहा करते थे, आज वही दूसरों के दिलों में रहा करते हैं।
तेरे इश्क़ की अब ज़रूरत नहीं है हमे, हमें तो नफरत ने संभाल लिया, हमे अब नही है हसरत तेरी दोस्ती की, हमे तो अब दुश्मनो ने पाल लिया।
चाहें तू कितनी भी दुआ कर मुझसे दूर जाने की, मैं भी उसी रब से दुआ करूंगा तुझे मेरे पास लाने की।
सोचता हूँ अपने सारे दर्द तुझसे बयां कर दूं, सारे जख्म तुझसे अपने रूबरू कर दूं, ये दर्द दिल के हैं दिखाए नही जाते, फिर सोचता हूँ इनको यहीं दफन कर दूं।
तेरी ज़िन्दगी से एक दिन बहुत दूर चला जाऊंगा, फिर लौट कर बापस कभी नही आऊंगा, बस बहुत जी लीए वेबफाई के गम में, अब किसी और को इस दिल में नही बसाऊंगा।
मुझे खबर है तेरे दिल मे मैं नही, तेरे दिल मे कोई और ही सही, तू कभी भुलाया न जायेगा, तू बस एक टूटा हुआ ख्वाब ही सही।
वो कितनी आसानी से मेरे दिल के टुकड़े टुकड़े करके किसी और कि बाहों में सो गया, कितने आसान से लफ़्ज़ों में बेवफ़ाई का नाम मज़बूरी हो गया।
मैंने तो किया था लाखो बार अपने प्यार का इज़हार, लेकिन तूने कभी नही किया अपने प्यार का इकरार, इस जमाने ने हमे समझाया तो बहुत था, लेकिन इस जमाने पर हमने कभी नही किया ऐतवार।
तू मेरे साथ रहना उम्र भर, चाहे दर्द बन कर, चाहे मोहब्बत बन कर।
जब भी वो आये तो एक अलग ही मन्ज़र बनाती है, तेरी खामोश निगाह मेरे दिल पे एक ख़ंजर चलाती है।
मेरी आँखों मे नींद आ जाये बस यही गुज़ारिश करते हैं। मेरे सपनों में उसका चेहरा आ जाये बस यही शिफारिश करते हैं।
निगाहें तो बस उसे ही ढूंढ़ती हैं अजनबी से चहरों के बीच, शायद वो आये और उसे हम पे एतवार हो जाये।
हम खामोश हो जाते हैं उनकी सुनते सुनते, वो न जाने क्यों चुप हो जातें हैं कुछ कहते कहते, हम तो मिट गए उनके सितम सहते सहते।
इस जमाने मे कौन इश्क निभाता है, इस दिल को तो जमाने मे खिलौना समझा जाता है।
अगर डाली सूख जाए तो उसपे फूल नही खिलता, वही ज़िन्दगी का भी हाल है जो चाहो वो नही मिलता।
मैंने तो सिर्फ मोहब्बत की, मुझे दर्द के सिवा क्या मिला। मेरी एक फूलों की बगिया थी, उसमें कांटो के सिवा क्या खिला। अंदर से मैं टूट गया हूँ बस नही किसी से शिक़वा गिला, इस दुनिया मे मोहब्बत करने बालो को प्यास के सिवा क्या मिला।
जब इश्क हद से ज्यादा खुशियां देने लगता है, तब वही इश्क हद से ज़्यादा गम देने लगता है।
यारों ज़िन्दगी में कितनी भी गलती करना, मगर अधूरी मोहब्बत करने की गलती मत करना।
बस मुझे तो तेरी एक मुस्कान चाहिए, एक मेरे दिल मे तेरा अरमान चाहिए, तुम लौट कर भले ही मत आओ, हमें याद रखना ये एहसान चाहिए।
मोहब्बत और भरोसा ज़िन्दगी में कभी मत खोना, क्योंकि मोहब्बत हर किसी से नही होती, और भरोसा हर किसी पे नही होता।
दिलों की बस्ती एक बार टूट जाती है तो वो उजड़ जाती है, मोहब्बत की कश्ती जब तूफान में फंस जाती है तो वो मिट जाती है।
ऐ बेवफा मेरे हालात को समझ, मेरे दिल के जज़्बात को समझ, तू क्यों नही समझता मेरे दिल को, मेरे दिल पे लिखा है क्या, उस इश्क की किताब को तो समझ।
तेरे दिए ज़ख्मो को दिल पे सज़ा के रखते हैं, ऐ बेवफा तुझे रात दिन हम याद करतें हैं, अजनबी से चेहरे भी अपने से लगने लगतें है, जब भी तेरे शहर से होकर गुजर ने लगतें हैं।
इस दुनिया मे कौन अपना है कौन बेगाना है, ये तो दोस्तों आज हमने मोहब्बत करके जाना है।
हम तो तेरे शहर तेरी गलियों से भी नहीं गुज़रा करते, हमे पता होता मोहब्बत में इतने दर्द हैं, तो हम मोहब्बत कभी नही करते।
कौन कहता है मोहब्बत में सब कुछ छिन जाता है, एक दर्द का तोहफा अधूरे प्यार करने वाले को मिल जाता है।
यारों किसी से दिल न लगाना ये दिल टूट जाता है, ये तन्हाईयो की महफ़िल में जाकर हर किसी से रूठ जाता है।
यारों किसी से दिल न लगाना ये दिल टूट जाता है, ये तन्हाईयो की महफ़िल में जाकर हर किसी से रूठ जाता है।
तेरे हमनशीं चेहरे पे मर गए हम, इस इश्क में हद से गुज़र गए हम, जो तूने इश्क में मुझको धोखा दिया, तेरे गम में खुद पे कितने सितम कर गए हम।
मेरी आँखों मे बस एक ख्वाब याद रहता है, सदियां बीत गई पर वो लम्हा याद रहता है, तुझमें न जाने ऐसी क्या बात है, मैं दुनिया भूल जाता हूँ बस तेरा चहरा याद याद रहता है।
तुझसे बिछड़ने के बाद मैंने कभी सुकून नही पाया, तेरी यादों को अपने दिल से मिटा नही पाया, करना तो बहुत कुछ चाहते थे अपने लिए, तेरे ख्यालों में फुर्सत मैं निकाल नही पाया।
तेरे प्यार भरे लम्हो को अपने दिल पे लिखता हूँ, मैं अपने कलम से लफ़्ज़ों को वेहिसाब लिखता हूँ, कभी तो बेवफा हमारे लिए भी दुआ कर लिया करो, क्योंकि मैं भी तो अपनी हर एक सांस पर तेरा नाम लिखता हूँ।
मेरी ज़िंदगी की सांस थम जाती है लेकिन मेरी जान नही जाती है, मुझे दर्द वे इन्तेहाँ होता है लेकिन आवाज़ नही आती है, इस दुनिया के अजीब दस्तूर हैं, हम उन्हें भूल नही पाते और उन्हें हमारी याद नही आती है।
तेरी यादों की महक इन हवाओं में है, तेरे प्यार की महक इन फ़िज़ाओं में है, ऐसा न हो दर्द हद से गुजर जाए, आजा तेरा इंतेज़ार मेरी निगाहों में है।
कैसे भूल जाऊँ वो गली, जहां मेरी ज़िंदगी मुझसे मिली।
जब ये दिल टूटता है तो दुख होता है, करके इश्क ये दिल रोता है, दर्द का एहसास तो तब होता है, जिससे इश्क हो वो किसी और का होता है।
तू मुझे दिल से पुकारा न कर, तू मुझे इतना रुलाया न कर, ये मजबूरी है हमारी के तुझसे दूर हैं, तू तन्हाईयो में इतना तड़पाया न कर।
वो अपने दर्द को रो-रोकर कर सुनाते रहे, हमारी तन्हाईयो से अपना मुंह घूमाते रहे, हमे ही दे दिया वेबफाई का खिताब, क्योंकि हम हर दर्द मुस्कुरा कर छुपाते रहे।
किसी को याद करने से किसी का दीदार नही होता, सिर्फ याद करना ही किसी से प्यार नही होता, किसी की यादों में वे इन्तेहाँ हम भी तड़पटे हैं, बस उसे हमारे जज़्बात का एहसास नही होता।
हम से हमारी पहचान ले गए, दिल के सारे अरमान ले गए, न करना किसी से कभी मोहब्बत, जान कहने वाले ही एक दिन जान ले गए।
टूटे हुए दिल को सम्भालना हमे आता है, रूठे हुए दिल को मनाना हमे आता है, वो न करें हमारी ज़िंदगी की फिक्र, क्योंकि दर्द में भी मुस्कुराना हमे आता है।
हम तो तेरी यादों में यूं खो लेते हैं, आंखों में आँसू आ जाएं तो रो लेते हैं, आजकल नींद तो आती नही मेरी आँखों मे, लेकिन तू ख्वाबों में आ जाये इसलिए सो लेते हैं।
दूरियों को मिटा कर दिल मे मोहब्बत रखना, मोहब्बत का रिश्ता यूँ ही बरकरार रखना, अगर इत्तेफाक से हम आपसे बिछड़ जाएं, तो मेरा इंतेज़ार अपनी आंखों में सजाएं रखना।
तेरे न होने की मेरे दिल मे कमी खलती है, बस मेरी आँखों मे तेरी यादों की नमी रहती है।
हम तो अपने खुदा से बस इतनी दुआ करते है, उन्हें सलामत रखना जो मेरे दिल मे रहतें हैं।
वो रोये मेरी मौत पर मुझे जगाने के लिये, कितना अच्छा होता उस वक्त मेरी ज़िंदगी में रो देते मुझे पाने के लिए।
कब तक दूरियां इख्तियार करोगे हमसे, कभी तो मिलना पड़ेगा दूर जाकर हमसे, क्यों तूने मुझसे आज नज़रे हैं चुराई, हमे सज़ा दे अगर हो गयी है कोई भूल हमसे।
तुम एक बार रूठ कर तो देखो, हम जान भी दे देंगे तुम्हे मनाने के लिए।
जब से वो हमें जगा गए हम उम्र भर सो न सके, जाने क्या कशिश थी उनमे, किसी और को हम अपना बना न सके।
तू मुझे छोड़ तो सकती है, पर मुझे भुला नहीं सकती है।
तुम क्यों मुझे छोड़ गए ऐ बेवफा, मेरा दिल क्यों तोड़ गए ऐ बेवफा, चाहा था मैंने तो सिर्फ तेरा साथ, इस भीड़ मे तन्हा क्यों कर गए ऐ बेवफा।
उस बेवफा ने मेरा दिल शीशे की तरह तोड़ दिया, इसलिए हमने अपनी ज़िन्दगी का रास्ता ही मोड़ लिया, बस मोहब्बत की बात ही मत करना, क्योंकि अब हमने मोहब्बत करना ही छोड़ दिया।
नज़रों से भले ही दूर लेकिन कभी दिल दूर नही होने देंगे, ये दिल आपको कभी याद न करे इसे कभी इतना मजबूर होने नही देंगे।
जब तू याद आती है तेरी तस्बीर को सीने से लगा लेते हैं, गम एक आग का दरिया है इसे हम मिटा लेते हैं, महफिलों में कभी तेरा जिक्र हुआ करता है, तब हम अपनी भीगी पलकों को झुका लिया करते हैं।
इस जमाने मे सबका दर्द ए दिल नया होता है, लेकिन सबका अपना अपना दर्द ए बयां जुदा होता है, इस दर्द में कुछ लोग अश्कों के समंदर भी देतें हैं, और कुछ लोगो की खुशियों में भी दर्द छुपा होता है।
खुशियों ने मेरी ज़िन्दगी से किनारा कर लिया, अब तो मेरे दिल मे दर्द ए तन्हाई ने सहारा कर लिया।
किसी की चाहत मे तड़प के देखो तभी तो जानोगे के इंतेज़ार क्या होता है, अगर प्यार बिना तड़पे मिल जाये तो कैसे जान पाओगे के प्यार क्या होता है।
मैंने इश्क से पूछा तेरे रास्ते मे इतनी मुश्किलें क्यों आतीं हैं, तो इश्क ने हंस कर जबाब दिया, इस दुनिया में लोग आसान चीजों की कदर नही करतें हैं।
इश्क और बारिश दोनों ही कभी भुलाई नही जाती, बारिश में तन मन भीग जाता है, और इश्क में आंखे भीग जाती है।
सब कुछ बदल चुका था जब वो अर्सों बाद मिले, हम उनसे कुछ कहे भी न सके वो इतने पराये से लगे।
उफ वो तेरी कसमे उफ वो तेरे वादे, तू सब भूल गया हम दोनों ने क्या क्या किये थे इरादे।
वो वेबफा चार दिन की मोहब्बत दे गया, और मेरी उम्र भर की रातों की नींद ले गया।
लोग जिसे मोहब्बत का नाम देते हैं, हम वही मोहब्बत तुमसे वे शुमार करतें है।
मुक्कदर के सिकन्दर मुझ पर एक एहसान कर देना, मेरी जाने वेबफा के होठों पे मुस्कान लिख देना, उसकी ज़िन्दगी में कभी भी कोई दर्द न आये, चाहे तो उसके मुकद्दर में मेरी जान लिख देना।
मुझे उसके इश्क का घना बादल बना देता, मुझे उसकी आँखो का काजल बना देता, तुझसे बिछड़ना अब मुझे मौत की तरफ ले जाता है, ऐ रब इससे अच्छा तू मुझे पागल बना देता।
मेरी आँखों मे आँसुओ का समंदर है लेकिन हम इन्हें बहा नही सकते है, इस ज़माने से डरतें हैं इसलिए इन आँसुओं को दिखा नही सकतें हैं, ये तो आप भी वा खूब समझतें होंगे के हम आप के सिबा किसी और को हम चाह नही सकतें हैं।
तेरी वेबफाई के गम ने मुझे कभी हसने नही दिया, इन दुनिया वालों ने मुझे कभी रोने नही दिया, जब मैं टूट गया तब रात की मैंने पनह मांगी, लेकिन वहाँ भी तेरी यादों ने मुझे सोने नही दिया।
मेरे दिल के हर कोने से बस एक ही सदा आती है, इस दिल को हमेशा तेरी वेबफाई याद आती है, मेरा दिल भी मुझ से बस यही बार बार पूछता है, मैं इतना तड़पता हूँ उसके लिए क्या उसे भी मेरी याद आती है।
क्यों मेरी किस्मत मुझसे खफा है, मैं जिसको भी अपना समझता हूँ वो बेवफा है, क्यों न करूं शिक़वा मैं इस रात से, मैं जो भी ख्वाब देखूँ तो हो जाती है सुबह।
मैं टूट गया हूँ तेरे दूर जाने से, हो सके तो लौट आओ किसी बहाने से, तू मुझसे कितनी भी दूर होजा बस एक बार देख ले, कोई बिल्कुल तन्हा हो गया है तेरे दूर जाने से।
मेरी अब तो दिवानो की तरह हालत है, बस तुम्हे देखूँ यही मेरी चाहत है, कभी इस मोहब्बत के सफर में छोड़ न जाना, बस एक खुदा से अब मेरा यही अरमान है।
गुमनाम चेहरों में बस एक ही चेहरा नज़र आता है, कुछ और मैं क्या सोचूँ उसकी यादों में सारा वक्त गुज़र जाता है।
समंदर से जब लहरें उठतीं हैं और पलट जाती हैं, उसकी यादें मेरे सीने में ही सिमट जातीं हैं, लहरों में और यादों में बस फर्क इतना है, समंदर से लहरें तो कभी कभी उठतीं है, लेकिन उसकी यादें हर वक्त उठ जाया करती हैं।
हम अपने दिल से तो बहुत रोये पर होठों से मुस्कुराने चले, हम तो उस वेबफा से वफ़ा निभाने चले।
तू चली आये ज़िन्दगी में बस यही आस रहती है, इन निगाहों को बस तेरे चेहरे की प्यास रहती है, मुझे ज़िन्दगी में कुछ और पाने की ख्वाइश नही है, लेकिन इन धड़कनों को बस तेरी तलाश रहती है।
किसी के हसीन चेहरे पर कभी नही मरना, किसी के ख्वाबों में अपनी नींदे बर्बाद मत करना, ऐसे ही हसीन चेहरे वाले बहुत सताते हैं इसलिए, कभी किसी चेहरे पर एतबार नही करना।
मेरा दिल मुझसे कहता है बार बार जो बात तक नही करता वो प्यार क्या करेगा।
मोहब्बत की दास्तां भी बहुत अजीब होती है, जो पल हंस कर बिताए थे उन्हें याद करके रोना आता है, और जो पल रो कर बिताए थे उन्हें याद करके हंसी आती है।
किसी का दिल तोड़ना हो तो सौ बार सोचना, अगर किसी को तन्हा छोड़ जाना हो तो सौ बार सोचना, अगर दिल एक बार टूटता है तो दुबारा किसी पे भरोसा नही करता, इसलिए किसी के भरोसे को तोड़ना हो तो सौ बार सोचना।
तुझे बहुत सी डिग्रियां मिली होंगी, लेकिन तुझमे किसी की आंखे पड़ने की कला नही होगी।
न कभी उन्होंने कोशिश की हमसे मिलने की न ही हम उनसे मिल सके, राज़ ये दिल का हम न किसी को सुना सके, हम तो उनकी यादों को आंखों में बिछाए बैठे हैं, कभी न उन्होंने हमें याद किया और न कभी हम उन्हें भूल सके।
यहां कौन करता है मोहब्बत निभाने के लिए, बस ये दिल तो खिलौना है इस ज़माने के लिए।
हम उनके लिए कब से अहम होने लगे, हाय रे दिल तुझे यूँ ही वहम होने लगे।
मुझे तो अपने दर्द में एक सुकून सा मिलने लगा है, अगर दर्द न मिले तो अब तो दर्द होने लगा है।
मेरे दिल मे दर्द होता है जो था मेरा उसे कोई और बना ले गया, जो सपना मैंने देखा था उसे हकीकत कोई और बना ले गया।
इस जमाने मे कुछ हादसे ऐसे भी होते है, वो मरते तो नही है लेकिन वो बेजान होते हैं।
मेरे दिल किसी से इतना प्यार मत करना, दर्दे जुदाई कभी तू मत सहना, तू टूट कर बिखर जाएगा उनकी मोहब्बत में, इसलिए कभी किसी से दिल की लगी मत करना।
चोट जो हमने दिल पे खाई है, तो मेरी आँख भर आई है, मत करना किसी से भी बेपनाह मोहब्बत, अब तो मेरे दिल से यही सदा आई है।
लोग जलते रहे हमारे मुस्कुराने से, क्योंकि हम अपना गम जताया नही करते, ज़िन्दगी की राहों में जो मिला उसे अपना लिया, और जो न मिला उसकी ख्वाइश हम किया नही करते।
ये वक्त हमे महसूस कराता है, के कौन हमारा दिल दुखाता है, वक्त के साथ कुछ ज़ख्म कम हो जातें है, लेकिन उन ज़ख्मो पर फिर से कोई नमक लगाता है।
तू मेरे साथ न ही सही, पर तेरी यादों का सहारा तो रहता है, तूने मुझ पर लाख सितम किये ही सही, पर रातों में तेरी यादों में जागने का सहारा तो रहता है।
मेरी सारी कोशिशें हमेशा बेकार ही रहीं, पहले तुझे पाने की और अब तुझे भुलाने की।
मुझको कोई तो वजह दे तुझे कैसे मैं भुलाऊँ, ज़ख्म सीने पर खाया है कैसे दिखाऊँ, इस दिल पे मेरा ज़ोर कहाँ है, क्या है तिश्नगी मेरे दिल की समझ न पाऊँ।
मेरे दिल मे उसके लिए वफा आज भी है, मेरे दिल मे उसके लिए सदा आज भी है, चाहे वो मुझसे लाख नफरत करे लेकिन, वो मेरे लिए मेरा जहान आज भी है।
मोहब्बत वो चीज़ नही जो जान ले ले, मोहब्बत वो भी नही जो मुस्कान दे दे, मोहब्बत तो उस खुदा की इनायत है, जो पानी मे पड़े अश्कों को भी पहचान ले।
मेरा इश्क है वो, मेरी मज़बूरी न समझ न, सब कुछ ज़िन्दगी में मिल जाये, ये ज़रूरी न समझ न, जिसे हम चाहें वो हमारे सामने रहे, इसे जरूरी न समझ न।
कभी अपनी मुस्कान को खोने न देना हर पल साथ रहूंगा, कभी मत सोचना तुम से दूर हो गए तेरे आस पास रहूंगा, इस मतलब की दुनिया मे भले मुझ से तुम दूर हो जाओ, पर मैं तेरी यादों को अपने सीने से लगाके रखूंगा।
क्या हुए वो तेरे वादे जो तूने हमपे थे लादे, अब हमपे न ये सितम करो थोड़ा सा तो रहम करो, पहले तूने हमको रुलाया अब कहता है हमे भुलादे, अब न हमपे ये सितम करो अब न हमसे मुह मोड़ो।
गम में वही शख़्स रोता है, जो अपने बेहद करीबी को खोता है।
ऐ वेबफा बता तुझे क्या मिला हमसे खफ़ा होकर, सुना है तू भी तन्हा है हमसे जुदा हो कर।
यारो हम तो उसके ही गम में अंदर से बिखर गए, यारो सच तो यही है कि बस हम तो मर गए।
बहते अश्कों की ज़ुबान नही होती, मोहब्बत करना आसान नही होती, मिलजाए इश्क तो कदर करना क्योंकि, किस्मत हर वक्त महरबान नही होती।
हमने दिल को लगाया, ये कैसा रोग लगा लिया, हमने यूँ ही बैठे बिठाए मौत को गले लगा लिया।
तूने ये कैसी बिन बताये दूरियां बड़ाई हैं, बिछड़ कर इश्क में ये कैसा अधूरा पन लाई है, मेरे नसीब में गम हिस्से आया है तो गम नही, लेकिन उसकी किस्मत तो दुबारा रंग लाई है।
मै ये तलब नही करता मेरे गमो का सैलाब थम जाए, मैं ये सोचकर डरता हूँ कहीं उसका दिल न बदल जाये, अगर तेरे दिल मे कभी मुझे भूल जाने का ख्याल आये, तो हमे ज़ख्म इतना देना की हमारी जान चली जाए।
ना तंग कर…..जीने दे …..ऐ जिन्दगी ….. तेरी कसम हम….तेरे आगे हार गये है……
क्या खूब मजबूरियां थी मेरी भी अपनी ख़ुशी को छोड़ दिया ” उसे ” खुश देखने के लिए 😦😦😦
हल्की सी हो चुकी है नाजुक पलके मेरी …. मुद्दतो बाद इन नजरो से गिरा है कोई …
कुछ चीजें रोने से नहीं सब्र करने से मिलती हैं।
दवा जब असर ना करे, तो नज़रें 👀उतारती है माँ …… ज़नाब, ये हार कहाँ मानती है
शिकवा तकदीर का ना शिकायत अच्छी, खुदा जिस हाल मे रखे वही जिंदगी अच्छी
इंसान तो हर घर में पैदा होता है पर इंसानियत कहीं -कहीं ही जनम लेती है।
ना जाने कौन से गुनाह कर बैठे हैं। … जो तमन्नाओं की उम्र में तज़ुर्बे मिल रहे हैं।
दीवार में चुनवा दिया है सब ख्वाइशों को….. अनारकली बन कर बहुत नाच रही थी मेरे सीने पर
लफ्ज़ बीमार से पड़ गये है आज कल…..एक खुराक तेरे दीदार की चाहिए
नाज़ुक लगते थे जो हसीन लोग … वास्ता पड़ा तो पत्थर के निकले।
इंसान की ख़ामोशी का मतलब ये है कि वो टूट चूका है
अकेले रहने में और अकेले होने में फर्क होता है 😢
कहाँ पूरी होती है दिल की सारी ख्वाइशें —- कि बारिश भी हो , यार भी हो … और पास भी हो
ना जाने क्यों कोसते हैं लोग बदसूरती को…बर्बाद करने वाले तो हसीन चेहरे होते हैं….!!
हर एक चीज़ में खूबसूरती होती है , लेकिन हर कोई उसे देख नहीं पाता।
कदर होती है इंसान की जरुरत पड़ने पर ही, बिना जरुरत के तो हीरे भी तिजोरी में रहते है…!!
अकेले ही गुजरती है ज़िन्दगी …. लोग तसल्लियाँ तो देते हैं पर साथ नहीं।
चेहरे बदल-बदल कर मिलते है लोग मुझसे…. इतना बुरा सुलूक क्यूँ मेरी सादगी के साथ
अपना 👦तो कोई दोस्त नही 😌 है, सब साले 👫 कलेजे ❤ के टुकडे है ।। 😘👫
लोग भी बड़े अजीब होते है, गलत साबित होने से पहले माफ़ी नहीं मांगते, बल्कि तालुक तोड़ देते है.
दुनिया 🌍 में सबसे 😌 ज्यादा वजनदार ☝खाली जेब ☹ होती है, चलना मुश्किल 🏃हो जाता है
सालो बाद मिले थे, हम एक दूसरे से,उसकी गाडी बड़ी थी और मेरी दाढ़ी..
कहाँ मिलता है कोई समझने वाला , सब समझा कर चले जाते हैं।
आत्महत्या कर ली गिरगिट ने सुसाइड नोट छोडकर……अब इंसान से ज्यादा मैं रंग नहीं बदल सकता।
झुको उतना ही जितना सही हो, बेवजह झुकना दुसरे के एहम को केवल बढ़ावा देता है।
ज्यादा कुछ नहीं बदला उम्र बढ़ने के साथ , बचपन की ज़िद समझौतों में बदल जाती है।
सादगी अगर हो लफ़्हज़ों में तो “इज़्ज़त ” बेपनाह और “बेमिसाल ” दोस्त मिल ही जाते हैं।
ज़ख़्म तो बहुत है बिना दाग के , जो ज़ख़्म दिल पर हो उसका दाग कैसा
बहुत ख़ास थे कभी हम किसी की नज़रों में … मगर नज़रों के तकाज़े बदलने में देर ही कितनी लगती है।
तेरी याद से ही शुरू होती है मेरी हर सुबह..
तज़ुर्बा है मेरा…. मिट्टी की पकड़ मजबुत होती है,संगमरमर पर तो हमने …..पाँव फिसलते देखे हैं…!

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